Ayurvedic Herb Atibala

                                

                                                                           

                 
 बालाचुर्ण कि पहचान                       

बला चार प्रकार कि है,इसलिए इसे बलाचतुष्टय कहते हैं। इसकि और भी जातियां है,पर बला अतिबला, नागबला,महाबला,यह चार जातियां हि प्रसिध्द और प्रचलित हैं। बलाव्दय में बला और अतिबला तथा इनमें नागबला मिलाने पर बलात्रय होता है। भाव प्रकाश में महाबला मिलाकर बलापतुश्टय किया गया है। मुख्यतःइसकि जड़ और बीज, उपयोग मे लिया जाता है। यह जाडी़़नुमा 2से 4 फीट और उंचा क्षप होता हैं,जिसका मुल और काड़,तना,सुध्ढ़ होता है। इसके पत्ते हदय के आकार के,आयातकार,लटवाकार गोल, दन्तुर,रोमश,अकेले 7.9 शिशुओं से युक्त 1से 2 इंच लंबे और आधे से डेढ़ इंच चौड़े होते है। इसके फुल छोटे पिले या सफकद तथा 7 से 10 सेमी केसर युक्त होतें। इसके बीज छोटे.छोटे,दानेदार गहरे भुरे रंग के या काले होते है,इन्हे बिजबन्द कहते है। आवश्कता के नुसार चिकित्सा मे इसके पत्ते,बिज,जड़,छाल और पंचाग का भाग भी उपयोग किया जाता हैं,लेकीन ज्यादातर जड़ और बीज का उपयोग विशेष रुप से किया जाता है।यह देष के सभी प्रन्तों में वर्षभर तक पाया जाता है,पर यह वऋतु मे यह खेतों और खेतों के मोंडा़े पर अधिकार होता है। जो असानी से नही तुटती,और इसकि जड़ व डण्डी़ बहुत मजबुत होती है,इसकि चारों जातियां मे गुणों कि दृश्टी से विशेष अन्तर नही होता,इसलिए किसी भी जाती कि बला का उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद ने इनके विभिन्न नाम बताये है,जो इस प्रकार के है,बला को खैरेटी,वाटयलिका,वाटया,महाबला, को पीत और सहदेवी या सहदेना, अतिबला,कंधी,ऋश्य,प्रोत्ता,और कंकतिका,नाग बला, गांगेरुकी,गुलसकरी,और गंगेरन आदि नाम दिये गये है। इसे किस्मे,गुण,और प्रभाव का दृष्टि से लगभग एक समान हैं।

                                                             बालाचुर्ण के फायदे

1 गंठिया रोग मे 2 लकवा,पक्षघात,अंगघात 3 मासिक धर्म मे कारगर 4 सफेद पानी कि समस्या मे 5 गर्भधारन मे बला फायदेमंद 6 वीर्यवर्ध कि समस्या मे 7 शुष्क,प्रेमह,शुक्रमेह मे 8 प्रसुता,शुल मे फायदेमंद 9 दस्त कि समस्या में 10 अंड़कोश कि सुजन मे 11 पेषाब कि जलन मे 12 चर्मरोग मे लाभकारी 13 पागलपन के दौरे मे 14 स्वरभंग,गला बैठना मे 15 नेत्र रोग कि समस्या मे 16 पित्तजका मे,पेंट के रोग मे 17 फोंड़े-फुन्सी मे 18 हाथी पाव मे लाभकारी 19 जखम,घाव मे लाभकारी 20 बवासीर,मुळव्याद मे 21 डायबीटीज मधुमेह मे 22 शारिरीक दुर्बलता मे 23 हडिया मजबुत करने मे 24 हर्निया मे लाभकारी

                                                   बलाचुर्ण को जादा सेवन करने से नुकसान

1 गर्भधारन को हनिकारक 2 स्तन पान कराने ने वाली महिला इसे सेवन ना करे

                                                       सिताराम सावजी उतेकर

                                                महा  आयुर्वेेदिक जडी़बुटी बालाचुर्ण

                                                      मो नं 9833696512

( विशेष जानकारी अगर किसी को त्वचा संबंधी बीमारी,सफेद दाग,सोरायसीस,एज्जिमा, लाल चट्टे,है तो उपर दिए गये फोन से जानकारी लिजिए)

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