Ayurvedic Herb Lotus Flower

कमल फूल कि पहचान
कमल का फूल कीचड़ भरे पानी में खिलता है और यह बहुत ही सुंदर होता है। कमल सुगंधित, आकर्षक और लाल, गुलाबी, सफेद और नीले रंग का होता है। कमल के पत्ते ऊपर हरे और नीचे हल्के सफेद रंग के होते हैं। इसके पत्ते चिकने होते हैं, जिससे पानी की एक भी बूंद उस पर नहीं टिकती। इसके पत्ते के नीचे के तने को कमल नाल और इसकी जड़ को विस कहते हैं। कमल के फूल में 15 से 20 बीज होते हैं, जिन्हें कमलगट्टे कहते हैं। कच्चे बीज नरम और सफेद होते हैं और पकने पर काले हो जाते हैं। कमल के फूल मार्च-अप्रैल के महीने में खिलते हैं।
कमल के औषिधिय गुण
यह शीतल और स्वाद में मीठा होता है। यह कफ, पित्त, रक्त रोग, प्यास, जलन, फोड़े और विष को दूर करता है। यह हृदय रोगों को ठीक करने और त्वचा के रंग में सुधार के लिए एक अच्छी दवा है। इसके प्रयोग से जी मिचलाना, अतिसार, पेचिश, मूत्र रोग, चर्म रोग, बुखार, दुर्बलता, बवासीर, उल्टी, रक्तस्राव आदि में लाभ होता है। तो आइए जानते हैं कमल के फूल के फायदे और यह आपकी किन किन शारीरिक समस्याओं में फायदेमंद है।
यह शीतल और स्वाद में मीठा होता है। यह कफ, पित्त, रक्त रोग, प्यास, जलन, फोड़े और विष को दूर करता है। यह हृदय रोगों को ठीक करने और त्वचा के रंग में सुधार के लिए एक अच्छी दवा है। इसके प्रयोग से जी मिचलाना, अतिसार, पेचिश, मूत्र रोग, चर्म रोग, बुखार, दुर्बलता, बवासीर, उल्टी, रक्तस्राव आदि में लाभ होता है। तो आइए जानते हैं कमल के फूल के फायदे और यह आपकी किन किन शारीरिक समस्याओं में फायदेमंद है।
कमल के फूल के फायदे
1. दिल और दिमाग की शक्ति बढ़ाने में सहायक
2. सिर और आंखों की ठंडक प्रदान करने में सहायक
3. पित्त की अधिकता को करे नियंत्रित
4. चेहरे की सुंदरता बनाये रखने में सहायक
5. बवासीर में लाभकारी
6. तर खांसी में लाभकारी
7. बुखार में उपयोगी
8. हिचकी में उपयोगी
9. मासिक धर्म का रुकना
10. स्तनों का कड़ा होना
11. गर्भावस्था के दूसरे महीने के विकारों को करे समाप्त
12. गर्भपात की रोकथाम में सहायक
13. कान के बाहर की फुंसियां को ठीक करने में सहायक
कमल फूल अधिक सेवन करने से नुकसान
यदि आपको डायबिटीज है तो कमल के किसी भी हिस्से का उपयोग करने पर ब्लड शुगर लेवल कम हो जाता है। ऐसे में आपको इस पर निगरानी रखनी होगी।
कमल ब्लड शुगर लेवल में बदलाव ला सकता है इसलिए किसी तरह की सर्जरी से दो हफ्ते पहले कमल का सेवन बंद कर दें।
यदि कमल की जड़ों का कच्चा सेवन किया जाए तो इससे बैक्टीरियल और पैरासाइट इंफेक्शन का खतरा रहता है।
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदि जड़बुटी कमल फूल
मो नं 9833696512
विषेश जानकारी अगर किसी भी प्रकार कि त्वचा संबंधी बीमारी सफेद दाग, सोरायसीस, एज्जिमा,लाल चट्टे है तो उपर दिये हुये नंबर से संपर्क किजिए
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