Ayurvedic Herb Manjishtha
मंजिष्ठा कि लत्ता लंम्बी तथा विस्तुत रुप में फैलने वाली होती है। इसलिए इसे योजनवल्ली तथा इसका प्रयोग कपड़ो को रंग के काम में कीया जाता है। इसलिए इसे वस्त्रींजिनी भी कहते है। चरक संहिता के वर्ण्य, विशध्न तथा ज्वरहट महाकशाय में विसर्ष या हपिंज की चिकित्सा के लिए इसका उल्लेख मिलता है। सुश्रुत संहिता के प्रिंयंग्वादिगण व पित्तसंशमन द्रव्य में इसकी गणना कि गई हैं। इसका तना चारों कोणों से शांखा प्रशांखाओं से युक्त तथा जड़ कि और कठोर होती है। इसकि जड़ अत्यधिक लम्बी,बेलनाकार,चिकनी,ताजी अवस्था मे लाल तथा,सुखने पर काली रंग कि होती है।
मंजिष्ठा के फायदे
1 गंजापन या सफेद बाल रोकने मंे लाभकारी 2 ऑंख संबंधी बिमारी मे 3 दांत कि समस्या मे लाभकरी 4 खांसी और दमा रोग के लिए फायदेमंद 5 छाती कि सुजन मे लाभकरी 6 आमाशत्रिक,व्रण में,या गैस्ट्रिक अल्सर मे लाभकारी 7 पेंट के किड़ो में,खुन को साफ करने मे मदतगार 9 बवासीर,मुळव्याद में 10 पिलीया, काविळ मे लाभकारी 11 मूत्राशय या,मूत्रविकार संबंधि बिमारी में 12 मासिक धर्म मे फायदेमंद 13 भग्न या फैक्चर,फैक्चर के स्थान पर लेप करने से घाव जल्दी भरता है। 14 आमवात या गठिया रोंग जोंडा़े का दर्द मे 15 फाइलेरिया,हाथी पांव मे लाभकारी 17 कुष्ठ रोग या सफेद दाग-धब्बा के लिऐ एज्जिमा,खुजली,त्वचा एलर्जि मे 16 मिरगी कैंसर जैसी बिमारी में 17 हाई ब्डप्रेशर,महिलाओ काक स्तन का आकार को कम करने मे 18 वनज घटाने मे लाभकारी,टयुमर 19 महिलोओ के लिए प्रजनन क्षमता बढ़ाने मे मदतगार 20 इम्युनिटी पावर और सेक्स पावर बढा़ने मे कारगर 21 बुखार,ताप मे
मंजिष्ठा का अधिक सेवन करने से नुकसान
1 रक्त को पतला करता है,यह कैंसर का कारण बन सकता है 2 मुत्र का रंग नारंगी या भुरे रंग का हो सकता है 3 मंजिष्ठा तनाव और कब्ज पैदा कर सकता है 4 महिला इसे गर्भवास्था मे सेवन ना करे 5 स्तनपान कराने वाली महिला इसका सेवन ना करें
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदिक जड़ीबुटी मंजिष्ठा
मो नं 9833696512
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