Ayurvedic Herb Sahadevi
सहदेवी कि पहचान
- सहदेवी एक छोटा सा कोमल पौधा होता है जो एक फुट से साढ़े तीन फुट तक की ऊँचाई का होता है। पौधा भले ही कोमल हो पर तंत्र शास्त्र और आयुर्वेद में ये किसी महारथी से कम नहीं है। अपने दिव्य गुणों के कारण आयुर्वेद के ग्रंथों में इसका उल्लेख्य कोई बड़ी बात नहीं है परन्तु इसमें कई दिव्य गुण हैं जिसके कारण इसे देवी पद मिला और इसका नाम सहदेवी पड़ा। सहदेवी की बूटी होती है। उसकी पत्ती तुलसी की पत्ती अथवा पोदिना की पत्ती के समान पतली होती है। इसका वृक्ष छत्ता सा होता है और फूल सफेद होते हैं। स्वाद इसका तीखा होता है। यह सभी जगह पाया जाता है पर ज्यादा तर बलुई मिटटी वाले भूमि पर ज्यादा पाया जाता है सिर्फ इसकी पहचान होनी चाहिए इसकी कई जातीय होती है। इसकी लुगदी में पारा फूँका जाता है।
- सहदेवी के फायदे
- बुखार कि समस्या मे लाभकारी
- मुत्र रोग मे फायदेमंद
- बवासीर मे कारगर
- निंद्रा कि समस्या मे लाभकारी
- कुष्ठ रोग और कीसी प्रकार के त्वचा रोग मे
- लीवर कि समस्या मे लाभकारी
- रक्त दोष,खाज,खुजली मे फायदेमंद
- गले के रोग मे लाभकारी
- मासीक धर्म मे लाभकारी
- घाव,या जखम को भरने मे मदतगार
- सहदेवी के नुकसान
- सहदेवी का प्रयोंग करने से पहले आपने डॉक्टर कि सलाह लिजीए
- कफ प्रकृती वाले मरिज इसका सेवन ना करें
- सिताराम सावजी उतेकरमहा आयुर्वेदि जड़बुटी सहदेवीमो नं 9833696512
- विषेश जानकारी अगर किसी भी प्रकार कि त्वचा संबंधी बीमारी सफेद दाग, सोरायसीस, एज्जिमा,लाल चट्टे है तो उपर दिये हुये नंबर से संपर्क किजिए

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महा आयुर्वेदीक जडीबुटी के बारे मे यह ब्लॉगिंग है