महा आयुर्वेदि जड़ीबूटी धतूरा

                                                             

                                                   

          
धतूरा कि पहचान
भगवान शिव को एक फल बहुत प्रिय होता है जिसके बिना उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है। म‍हाशिवरात्रि पर भी इसकी खास मांग रहती है ताकि भोलेनाथ को खुश कर सके। जी हां हम धतूरे की बात कर रहे हैं। धतूरे का प्रयोग भांग बनाने के लिए भी किया जाता है। वहीं आयुर्वेद में भी इसका इस्‍तेमाल कई औषधियां बनाने में किया जाता है। वहीं धतूरे का सेवन अस्‍थमा, सूजन, प्रेग्‍नेंसी, मिर्गी, बवासीर और कमजोरी जैसी तमाम समस्‍याओं के लिए होता है। धतूरे को आमतौर पर महिलाएं भगवा‍न शि‍व की प्रिय वस्‍तुओं में से एक के रूप में देखती हैं लेकिन अधिकतर महिलाएं इसके फायदों से अनजान हैं। कान दर्द से लेकर गंजापन दूर करने में धतूरे का इस्‍तेमाल किया जा सकता है। आज हम आपको धतूरे के फायदों के बारे में बता रहे हैं जिसे शायद आपने अपने घर के आस-पास देखा होगा। क्‍योंकि यह एक नॉर्मल जंगली पौधा है जो कही भी अपने आप उग जाता है। इसका इस्तेमाल बहुत सी आयुर्वेदिक औषधियों को बनाने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में इसे विष वर्ग में रखा गया है, अगर इसकी बहुत कम मात्रा का इस्तेमाल किया जाए तो इससे शरीर के विभिन्न रोगों से छुटकारा प्राप्त किया जा सकता है आइए जानें यह हमारे लिए कैसे फायदेमंद हो सकता

धतूरा क्या है

धतूरा एक खरपतवार है जिसके सुंदर फूल देखकर आप आकर्षित हो सकते हैं। लेकिन सावधान रहें क्‍योंकि धतूरा की लगभग 9 अलग-अलग प्रजातियां होती हैं जिनमें से कुछ जहरीले भी होते हैं। पारंपरिक रूप से धतूरा का उपयोग नशीली दवाओं के निर्माण में किया जाता है। धतूरा की बड़ी मात्रा में विषाक्त हो सकती है, छोटी मात्रा में जब उचित रूप से इसे लिया जाता है तो इसके औषधीय प्रभाव भी हो सकते हैं। धतूरा आमतौर पर कैनबिस (स्मोक्ड) के साथ सेवन किया जाता है या शक्ति बढ़ाने के लिए शराब में जोड़ा जाता है। धतूरा में विभिन्न अल्कलॉइड, खनिज और कार्बनिक यौगिक हैं, जो इस पौधे के प्रभावों को इतना दिलचस्प बनाते हैं।

 धतूरा के फायदे

धतूरा के फायदे श्वसन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए

धतूरा के लाभ मूड को सुधारे

धतूरा के औषधीय गुण बुखार कम करे 

धतूरे के बीज दिल के लिए फायदेमंद

धतूरा के बीज प्रजनन क्षमता बढ़ाएं 

धतूरे के बीज का तेल बालों के लिए

धतूरा के फायदे गर्भावस्‍था के लिए

धतूरे के बीज खाने से प्रतिरक्षा बढ़ती है

धतूरा करे अनिद्रा का इलाज

धतूरा के नुकसान 

स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होने के साथ ही धतूरा के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। क्‍योंकि धतूरा एक अत्यंत मादक पदार्थों की श्रेणी में आता है। आइए जाने धतूरा के नुकसान क्‍या हैं।

  • धतूरा एक जहरीला पौधा है इसलिए इसका सेवन करने से पहले चिकित्‍सक से परामर्श लेना आवश्‍यक है। अन्‍यथा यह हानिकारक हो सकता है।
  • स्‍कॉचामाइन और एट्रोपीन जैसे धतूरा रसायनों को जहर के रूप में उपयोग किया जाता है। इसलिए अधिक मात्रा में धतूरा का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • अधिक मात्रा में सेवन करने पर धतूरा हृदय गति को बढ़ा सकता है। इसलिए हृदय रोगियों को बहुत ही कम मात्रा में और स्‍वास्‍थ्‍य सलाहकार की अनुमति लेने के बाद ही धतूरा का सेवन करना चाहिए।
  • त्‍वचा पर धतूरा लगाने से खुजली जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं क्‍योंकि इनमें एंटीकोलिनर्जिक नामक रसायन होता है।
  • अधिक मात्रा में धतूरा का सेवन करने से धुंधली दृष्टि, जी मिचलानाउच्‍च रक्‍तचाप आदि की समस्‍या हो सकती है।
  • धतूरा के पत्‍तों का रस आंखों के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। इसलिए उपयोग करने के दौरान सावधान रहना चाहिए।

सावधानी: यह पर्याप्त जोर नहीं दिया जा सकता है कि धतूरा एक जहरीला पौधा है, और उचित सलाह के बिना इसका उपभोग करने की सिफारिश नहीं की जाती है। अधिक या अनुचित खपत मतली, चक्कर आना,  और मतिभ्रम से लेकर और अधिक गंभीर प्रभाव, जैसे कि स्थायी मानसिक असंतुलन और यहां तक कि मृत्यु तक का कारण बन सकता है। कुछ स्थानों और यूके जैसे देशों में धतूरा का उपयोग प्रतिबंधित है। हमेशा एक नए प्राकृतिक उपचार का उपयोग करने से पहले एक चिकित्सा पेशेवर या प्रशिक्षित औषधि विशेषज्ञ से बात करें।

                                                                                                  सिताराम सावजी उतेकर

                                                                                               महा आयुर्वेदि जड़बुटी  धतूरा                                                                                                                मो नं 9833696512
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