,# शहतूत वनस्पति के फायदे, नुकसान, औषधीय गुण और खेती की पूरी जानकारी#
शहतूत वनस्पति के फायदे, नुकसान, औषधीय गुण और खेती की पूरी जानकारी नमस्कार! मेरा नाम सीताराम सावजी उतेकर है। मेरे महा आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी चैनल में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है। आज मैं आपको एक बहुत ही उपयोगी और महत्वपूर्ण वनस्पति शहतूत के बारे में जानकारी देने वाला हूँ। शहतूत को कई जगह शहतून भी कहा जाता है। यह एक ऐसा बहुवर्षीय पेड़ है, जिसके मीठे फल खाने के काम आते हैं और जिसकी पत्तियाँ रेशम के कीड़ों के पालन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। शहतूत का वैज्ञानिक वंश Morus है। इसकी प्रमुख प्रजातियों में सफेद शहतूत, लाल शहतूत और काला शहतूत शामिल हैं। शहतूत के फल पकने के बाद मीठे, रसदार और स्वादिष्ट होते हैं। इन्हें सीधे खाने के अलावा इनसे जूस, शरबत, जैम, जेली और कई अन्य खाद्य पदार्थ भी बनाए जा सकते हैं। शहतूत कहाँ पाया और उगाया जाता है? शहतूत मूल रूप से एशिया से जुड़ा पौधा माना जाता है, लेकिन आज इसकी विभिन्न प्रजातियाँ दुनिया के कई हिस्सों में उगाई जाती हैं। भारत में शहतूत की खेती विशेष रूप से रेशम उत्पादन वाले क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है। कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम ...