महा आयुवेदिक जडीबुटी सौंठ
सौंठ कि पहचान
पारंपारीक चिकित्सा, आयुर्वेद में हजोरों सालों से सौंठ का प्रयोग किया जा रहा हैं। पहाडी अदरक,गोटे.गोटे अधिक मोटे ककर्ष गांठदार और कम लंबं गेरुमें रंग कि वनस्पती का कंद हैं। जां 1 से 2 इंची मोठा होता हैं। यह कार्तिक, माघ और फालगुन में लगता हैं। बंगाल कि सौंठ जो है वह पतली लंबी और बढी.बढी गांठ कि तरह सफेद रंग कि होती हैं। आसाम कि सौंठ यह भी पहाडी सौंठ से मिलती जुलती तथा सफेद रंग कि लंबी. ल्रंबी अधिक गांठ दार होती है। सौंठ कि अधिक किस्मे हैं पश्रिमी प्रदेश कि सौंठ प्रसिघ्द हैं। सौठ के कंद को टोकरी मे रखकर जोर जोर से रगडने और हिलाते है जिससे छिलका छुट जाता हैं। और इसे धोकर सुखा लेते हैं। बंगाल कि सौंठ भी इस प्रकार कि निर्मीती होती हैं। कुछ लांग छिलका छुडाकर यंु ही सौंठ को दुध में उबालकर सुखा लेते हैं। इसे घॅंुसरी सौंठ या दुधीया सौठ कहते हैं।
सोंठ के फायदे
1 जुकाम से राहत 2 वनज कम करने केलिए 3 पेंट कि जलन 4 सिर दर्द में राहत 5 छाती मे ददग् मे 6 सुजन कम करने मे लाभकारी 7 चयाचपयन मे 8 माईग्रेन के लिए 9 कैंसर के लिए फायदेमंद 10 गर्भावस्था मे 11 पाचन षक्ती के लिए 12 इम्युनिटी सिस्टम के लिए 13 डायबिटीज मधुमेह मे फायदेम्रद 14 दांत दर्द से राहत मे 15 व्यंजनों मे प्रयोग मे 16 पेट फुलने कि समस्या मे 17 युरिन इन्फेक्शन मे 18 त्वचा रोग मे फायदेमंद
सौंठ से नुकसान
1 सौंठ को जरुरत से ज्यादा खाने से पेट मे परेशानी उत्पन्न हो सकती हैं। 2 सौंठ के अधिक मात्रा हदय कि समस्या पैदा करती हैं। 3 सौंठ से दस्त और गैस जेसी समस्या भी हो सकती हैं। 4 पित्ताषय कि पथ्थरी मे 5 दर्द दस्त मॅंह मे जलन पेट मे जलन दिल कि धडकन हो सकती हैं।
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुवेदिक जडीबुटी सौंठ
मो 9833696512
( विशेष जानकारी अगर किसी को त्वचा संबंधी बीमारी,सफेद दाग,सोरायसीस,एज्जिमा, लाल चट्टे,है तो उपर दिए गये फोन से जानकारी लिजिए)

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