Ayurvedic Herb Gunja
गुंजा या रत्ती यह एक लत्ता जातीकी एक वनस्पती है। शिम्बी के पक जाने पर लत्ता शुष्क हो जाती है। गुंजा के फुल सेम कि तरह होती है। शिम्बी का आकार बहुत ही छोटा होता है,परन्तु प्रत्येक कमे 4-5 गंजा बिज निकलते है,अर्थात सफेद से सफेद तथा रक्त में लाल बीज निकलते है। अशुध्द फल का सेवन से विरुचिका कि भांती ही उल्टी,और दस्त हो जाती है। इसकि जड़े भ्रमवश मुलहटी के स्थान में भी प्रमुख्य होती है। गंुजा दो प्रकार कि होती हैं।
गुंजा के फायदे
1 बालों को फायदेमंद 2 वात-पित्त- ज्वर नाशक
3 भ्रम-श्रांस मे लाभकारी मे 4 नेत्ररोग,खुजली,खाज मे
5 कोढ़,कुष्ठ रोग त्वचा रोंग मे एज्जिमा फायदेमंद
6 व्रण,कृमी मे 7 सिरदर्द,गठिया रोग मे
8 गालगंड़ मे लाभकार 9 कैंसर जैसी बिमारी मे
10 मलेरिया,बुखार मे 11 डायबिटीज,मधुमेह मे फायदेमंद
12 सेक्स पावर बढा़ने मे,कामेच्छा बढ़ाने मे
13 शुक्राणु बढा़ने मे मदतगार
गुंजा अधिक सेवन करने से नुकसान
1 महिलाओं का गर्भपातका खतरा,इसक महिला गर्भवती सेवन ना करे
2 खुजली,लालीमा,और चकते आ सकते है।
2 लो ब्डप्रेशर,शुगर वाले इसे सेवन ना करे
3 सांस लेने कि तकलीब हो सकती है,और उल्टी के साथ खुन आना
4 पेट मे गंभीर इंफेक्शन,पेंट मे दर्द,डायरीया होना
5 काला या टायमुक्त मल,कमजारी,ओठ,त्वचा मे नुकसान
6 बेहोशी,अचतना या मुर्च्चा आना,पेशाब कम आना
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदिक जड़ीबुटी गुंजा
मो नं 9833696512
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