Ayurvedic Herb Catechu
कत्था के पहचान
कत्था एक औयुर्वेदिक औषधी है। जिसे खैर या खरिद के नाम से जाना जाता हैं। अनेक लाभकारी गुणों के कारण इसका इस्तेमाल बहुत व्यापक स्तर पर होता है। खैर का पेड़ से लकड़ी से कत्था निकाला जाता है।
कत्था का प्रकार
यह दो प्रकार का होता है। लाल कत्था तथा सफेद कत्था,लाल कत्था का उपयोग पान में होता है। जबकि सफेद कत्था उपयोग औषधी रुप में किया जाता है।
कत्था का पहचान
खरीद एक मघ्यम कद का कंटकिय कांटेदार वृक्ष हैं। यह बबुल कि प्रजाति का वृक्ष है।इसकि टहनियां पतली होती है,जिसमे जोड़े मे कांटे लगे होते है। इसकि पत्तीयां सयुक्त तथा 30 से 40 के जोड़े में होती है। कत्था के पुष्प श्रेत सफेद या हल्के पिले रंग कें मंजरियो में होते है। खैर कि छाल आधे से पौंने इंच मोटी होती है। जो बाहर से काले भुरे रंग कि होती है जबकि अंदर से भुरे रंग कि होती है। खैर का मुख्यत खरीद सार तथा त्वक इस्तेमाल किया जाता है। कत्था का स्वाद आयुर्वेद के नुसार खैर,ठंडा,कड़वा,तिखा और कसैला होता है।
कत्था के फायदे
1 मलेरिया ताप मे गुणकरी 2 दस्त मे और पेट खराबी मे राहत 3 खांसी कि समस्या मे 4 गले कि खराश मे 5 दांत कि समस्या में 6 घाव,जखम में लगना मे लाभकारी 7 बवासीर,मुळव्याद मे लाभकारी 8 कान कि समस्या में 9 दमा रोंग,अस्थमा मे फायदेमंद 10 डायबीटीज,मधुमेह मे 11 श्रंसन,सांस संबंधी बीमारी मे 12 शरिर कि एनर्जि मे 13 किडनी रोग मे 14 रक्त शुध्द करने में 15 अलस कि समस्या मे 16 पाचन शक्ती मे 17 हिचकि,उल्टी कि समस्या मे 18 भुख बढा़ने मे मददतगार 19 पिलीया,काविळ रोग मे
कत्था अधिक सेवन करने से नुकसान
1 गर्भवती महिला और स्तनपान करने वाली महिला इसे सेवन ना करे
2 कत्था अगर पुरुष अधिक सेवन करने से नपुंसकता आती हैं
3 इसे अधिक मात्रा से सेवन करने से किडनी स्टोन हो सकता है
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदिक जड़ीबुटी कत्था
मो नं 9833696512
( विशेष जानकारी अगर किसी को त्वचा संबंधी बीमारी,सफेद दाग,सोरायसीस,एज्जिमा, लाल चट्टे,है तो उपर दिए गये फोन से जानकारी लिजिए)
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