Ayurvedic Herb Kukanraudha
कुकरौंधा का एक दो-फुट उंचा क्षुप झाडी होता है,जिसमें कपुरकी गंध आती है। इसके पत्ते कासनी के पत्तौ जैसे होते है,किन्तु ये उन पत्तों से कुछ बडे मोठे एंव रोंयेदार होते है। ये प्रातः जड़ के पास निकलकर भुमि पर फैले दुये होती है। इन्हे मसलने से इनसे उग्र गंध कपुर जैसी आती है। उपरी शांखाओं के अग्रभाग पर छोटे पिताभ या कभी-कभी जामुनी रंग के रोमश पुष्प मुण्डक होते हैं। इसका पुष्प खिलने के बाद इनसे रुई जैसी बारीक रेसे निकलते है। इसके बिज- छोटे धुसर भुरे रंग के होते है। यह क्षप बरसात में उगते है। शीतकाल मे फूलते-फलते है,तथा गर्मियों तक सुख जाते है। कर्पूरयुक्त एक सुगन्धिी तेल इसकि पत्तियों मे पाया जाता है।
कुकरौंधा के फायदे
1 बालों को सफेद होने से रोकना 2 आंखो से जुड़ रोगों मे 3 मुंह सुखने कि समस्या मे 4 यह पेंट के किड़ों को खत्म करता है। 5 हैजा और दस्त से आराम दिलाता है 6 आंतों के रोगों को ठीक करता है 7 बवासीर,मुळव्याद मे फायदेमंद 8 लीवर से जुड़े रोगों को इलाज मे कारगर 9 महिलाओं कि स्तनों कि समस्या में 10 यह फोड़े-फुन्सी को ठीक करता है। 11 बुखार ताप को ठीक करता है। 12 यह शरिर कि सुजन कम करनें मे फायदेमंद 13 बार-बार पेशाब आने कि समस्या मे 14 बिस्तर पर छोटे बच्चे पेशाब करने कि समस्या मे 15 महिलाओं कि मासीक धर्म कि समस्या मे लाभकारी 16 अपचन,सर्दि, खांसी, जुकाम,सिरर्द मे कारगर 17 चर्मरोग,कुश्ठ रोग मे और किसी बी प्रकार के त्वचा रोंग मे फायदेमं 18 चौट, घाव,जखम,को यह ठीक करता है।
कुकंरोधा के अधिक सेवन करने से नुकसान
1 इसे गर्भवती महिला या स्तनपान कराने वाली महिला सेवन ना करे
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदिक जड़ीबुटी कुकंरौधा
मो नं 9833696512
( विशेष जानकारी अगर किसी को त्वचा संबंधी बीमारी,सफेद दाग,सोरायसीस,एज्जिमा, लाल चट्टे,है तो उपर दिए गये फोन से जानकारी लिजिए)
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