Ayurvedic herb Hing
हिंग के बारे में आप जानते हि होंगे एक मसाला। जिसका प्रयोग लगभग हर घर मे होता हैं। हिंग का प्रयोग ना सिर्फ भोजन को स्वादिष्ट बनाता है,बल्की इसके कइ रोगो में भी लाभ मिलता है। इसके अलावा भी हिंग का उपयोग केवल रोगों को ठीक करने भी कीया जाता है। आयुर्वेदिक ग्रथों मे बताया गया है कि ह्रिग कहि बिमारियो में भी काम आता है।इसके सेवन से पेट के किड़ो शरीर कि गांठे,पराना जुकाम,बवासीर,पेट के राग,गैस,कब्ज,दर्द,अरुची,पथरी,मधुमेह, मे भी लाभ मिलता है। इतना हि नही उपयोग कर पेशाब संबंधी,हदय रोग,पेट कि गैस अपचन,भुख कि कमी,सुखी खांसी,सांसो की बीमारी तथा आदि में लाभ कीया जा सकता है।
हिंग क्या है?
हिंग कि प्रजातिया होती है। हींग का पौधा 15-2-4 मीटर उंचा सगधीत और कही वषो तक हराभरा रहने वाला है। इसका तना कोमल होती है,और इसके ढेर सारी डा़लीया होती है। इसकी गोंध तथा गंन्धकयुक्त होती है। इसके गोंद को मार्च से अगस्त के महीने में चीरा लगाकर राल या गोंध प्राप्त किया जाता हे,जिसे हींग कहते हैं। शुध्द हींग सफेद,स्फटिक के आकार का 5 मी भी व्यास के गोल या चपटा टुकड़ो मे होती है,तथा हींग निकालने केलिए इसका चार वर्ष पुराना पौंधा श्रेष्ठ होता हे। इसे पिसकर पावड़र बना लिा जाता है।
हींग के फायदे
1 पेंट के विकारो मे 2 श्रसन प्रणाली मे फायदेमंद 3 मासीक धर्म,महावारी मे 4 सिर दर्द,कान के दर्द मे 5 नपुसंकता,सेक्स पावर मे 6 हिंग कामेच्छा बढा़ता हैं 7 अपचन मे लाभकारी 8 पुरुषो मे ताकद बढा़ने मे कारगर 9 खांसी,दमा मे 9 बेहोसी,नारु रोग मे 10 बुखार,ताप मे 11 जोडा़े के दर्द,मोटापा कम करने मे, वनज कम करने मे 12 डायबीटीज मधुमेह 13 दॉंत का दर्द,कान,बंद गले को खोलने मे मदतगार 14 त्वचारोग,चर्मरोग मे कारगर 15 कब्ज के फायदेमंद 16 अस्थमा,दमा रोग मे 17 खांसी,मिर्गी मे लाभकारी 18 ब्लड प्रेशर मे
हींग जादा जादा सेवन करने से नुकसान
1 हौंठो में सुजन,पेट कि समस्या मे 2 त्वचा मे हानीकारक 3 सिरमें दर्द 4 चक्कर आना 5 हाई और लो ब्डपेशर 6 गर्भवती महिला और दुध पिलाने वाली इसे ना ले
सिताराम सावजी उतेकर
महा औयुर्वेंदिक जड़ीबुटी हिंग
मो नं 9833696512
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