Ayurvedic Herb Gulmohar
करंज के पहचान
करंज तो आप ज्यातर नदियों या नालों के आस पास देखा होगा। यह देेखने मे बहुत साधारन पेंड़ लगता है,लेकिन सच यह है कि आयुर्वेदिक किताबों करंज के उपयोग से जुड़ी कई अच्छी बाते बताई गई है। अगर आपको पत्ता नही है तो यह जान लिजिए कि साधारन लगने वाले करंज के पेंड़ का प्रयोग औषधी के रुप मे किया जाता है,और इससे कही बीमारीकों का इलाज किया जाता है। आयुव्रेदिक कई पुराने ग्रंथों में करंज का उपयोग कर आंखो के रोग,घाव,कुष्ठ रोग,पेट कि बिमारी,बुखार, उल्टी,पेचिश, खुजली,सिरदर्द,आदि मे भी करंज का प्रयोग कर सकते है। इसका इस्तेमाल तिल्ली के बढ़ने कि समस्या,यानी योनी रोग, सुजन,हदय रोग,सभी प्रकार कि त्वचा संबंधी बिमारी को ठीक करने के लिए भी किया जाता है।
करंज क्या है?
करंज कि कई प्रजातियां पाई जाती है। लकिन मुख्य तौर पर तीन प्रजातियों को प्रयोग चिकित्सा के लिए किया जाता है,जो यह हैं। 1 वृक्ष करंज 2 पुतिकरंज 3 लता करंज,इसके बिजों से प्राप्त तेल का प्रयोग चर्मरोग मे खासकर बहोत फायदेमंद होता है।
करंज के फायदे
1 गंजेपन कि बिमारी मे 2 आंखो के रोग में 3 दांतो कि बिमारी मे 4 खांसी कि समस्या मे 5 उल्टी कि परेषानी 6 भुख बढा़ने मे,पेंट कि गैस कि समस्या मे 7 पेंट के रोगो मे फायदेमंद 8 दस्त, पेट के किडे़ 9 बवासीर,मुळव्याद मे लाभकारी 10 भगंदर, मिर्गि के रोग मे 11 मुत्र रोग मे,पाचन शक्ती मे लाभकारी 12 गठिया रोग मे 13 लकवा पक्षघात मे 14 कुश्ठ रोग,त्वचा रोग,सफेद दाग मे कारगर सोरायसीस 15 विसर्प रोग मे,टीबी,क्षय रोग मे 16 यह फोड़े-फुन्सी को खत्म करता है 17 घाव,जखम को सुखाता है 18 रक्तपित,नाक कान से खुन बहना मे 19 बुखार,ताप मे लाभकारी 20 बिच्छु काटने पर 21 डायबीटीज,मधुमेह 22 वीर्यस्तम्भन,यानी धातुरोग मे कारगर 23 योन शक्ती मे सेक्स पावर मे फायदेमंद
करंज को जादा सेवन काने से नुकसान
1 मतली,उल्टी,और पेट दर्द जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है 2 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिला करंज का सेवन ना करें 3 अगर कोई व्यक्ती विषेश प्रकार कि दवाओं का सेवन करता है तो वह व्यक्ती करंज का सेवन ना करे
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदिक जड़बुटी करंज
मो नं 9833696512
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
महा आयुर्वेदीक जडीबुटी के बारे मे यह ब्लॉगिंग है