Ayurvedic Herb Kunnasariva

                                       

                                                                                 

                              
कृण्णसारिवा(अनंतमूलकि)पहचान             

क्या आपको पता है कि कृण्णसारिया क्या है,और कृण्णसारिया का प्रयोग किस काम में किया जाता है? नही ना!दरअसल बहुत सारे लोंगो को कृण्णसरिवा के फायदे के बारें में जानकारी नही है,और इसलिए वे कृण्णसावा का उपयोग नहि कर पाते हैं। कृण्णसावरी का बहुत ही गुणी औषधी है,और कृण्णसारिवा का प्रयोग बीमारीयों के इलाज में किया जाता है।आयुवेदिक ग्रंथो में कृण्णसारिवा कें उपयोग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। कृण्णसारिवा कि लत्ता सदा हरी रहती हैं। इसकि छाल-भुरे रंग कि होती है। इसके फूल सुगंधीत,हरे-सफेद अथवा बैंगनी वर्ण के होते है।इसकि फली बेलनाकार पतली 10-15 सेमी लम्बी 4 सेमी चौडी होती है। इसमे दो-दो फलियां एक साथ होती है। इसे और नामोंसे भी जानते है,इसे अनंतमूल भी कहते है

                                                           कृण्णसारिवा के फायदे

1 सिर के रोग में  2 रतौधी,रात मे न दिखना

3 आंखो कि बीमारी मे  4 मुंह कि बीमारी मे लाभकारी

5 गले के रोग मे 6 अपचन कि समस्या मे

7 भुख बढ़ाने मे कारगर 8 बवासीर,मुळव्याद मे फायदेमंद

9 पथरी रोग मे लाभकारी 10 डायबिटीज मे

11 पेषाब से खुन आने कि समस्या में

12 सुजाक,घाव सुखाने मे कारगर

13 लयूकोरिया यानी सफेद पानी आना

14 प्रसव,बूखार ताप

15 गठिया रोग या शरिर कि गांठ मे लाभकारी

16 कुष्ठ रोग और शरिर की त्वचा कि बीमारी मे लाभकार

                                                                  सिताराम सावजी उतेकर 

                                                       महा आयुर्वेदिक जड़ीबुटी कुण्णसारिवा

                                                                     मो नं 9833696512


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