Ayurvedic Herb Shami
शमी की पहचान
आमतौर लोग शमी के फायदे के बारें में बहुत ज्यादा नही जानते है। विजय दशमी के दिन शमी के वृक्ष के पुजा कि जाती है।हवन के द्रव्यो में शमी की लकड़ी का उपयोग किया जाता है। अधिकांश लोगों को केवल इतना पत्ता है। आपको पत्ता नही होगा कि शमी एक औषधी भी है,जिसका उपयोग बीमारियों कि रोकथाम के लिए किया जाता है। आप कफ पित्त विकार,खांसी,बवासीर,दस्त आदि में शमी के फायदे ले सकते हैं।इसके साथ-साथ रक्तपित्त,पेट कि गडबड़ी,सांसो कि बीमारियों मे भी लाभ मिलता है। आइए शमी के औषधीय गुणों के बारे में जानते है।
शमी क्या है
शमी का वृक्ष 8-18 मीटर उंचा मध्यमाकार और हमेशा हरा रहता है। इसलिए वृक्ष में कांटे होते हैं। इसकि शाखाएं पतली,झुकि,और भूरे रंग कि होती है।इसकि छाल भूरे रंग की फटी हुई,तथा खुरदरी होती है।
शमी के फायदे
1 आंखों के रोग में
2 दस्त मे शमी लाभकारी है
3 बवासीर,मुळव्याद मे फायदेमंद
4 एनिमिया मे लाभकारी
5 मुत्र संबंधी बीमारीयों मं
6 गर्भस्राव मे लाभकार
7 गले के रोग मे फायदेमंद
8 विसर्ष रोग,नागीन मे लाभकरी
9 बिच्छु के डंक मारने पर
10 सांप के काटने पर
शमी से नुकसान
1 शमी के क्षार को हरताल के साथ लगाने से बाल झड़ जाते है
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदिक जड़ीबुटी शमी
मो नं 9833696512

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