Ayurvedic Herb Jatamansi

                                               


                  
   जटामांसी कि पहचान                     

आयुर्वेद में ऐसी कई सारी जड़ीबुटीयां है,जिसका इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। इन्ही मे एक जड़बुटी है वह जटामांसी,जा शरिर को कई मायनों मे फायदा पहुंचा सकती है।हालांकि,हम में से ऐसे लोंग होगें जटामांसी के फायदे और नुकसान के बारें में जानकारी नही होंगी। यही वजह हैं की स्टाइक्रेज के इस लेख में जटामांसी खाने के फायदे लेकर आऐ है। साथ यहा जटामांसी का उपयोग करने से जुडी़ जानकारी भी उपलब्द है। तो चलिए बिना देर कीए पढी़ऐ जटामांसी चूर्ण के फायदे और उपयोग जुडी़  जानकारी यह है 

                                                            जटामांसी क्या है।

जटामांसी हिमालय कि एक प्रसिध्द औषधी है। यह कश्मीर,भूटान,सिक्कीम,कुंमाउ आदि के पहाड़ी वाले ढ़लानो पर आने आप पैदा होती है। इसे बालछड़ के नामसे भी अनेक क्षेत्रों में जाना जाता है। यह ठंडी जलवायु मे उत्पन्न होती होने के कारण यह अन्यत्र नही मिलती। जटामांसी कि भांती इसके कंद में बाल जैसी तन्न्ुा लगें होने से इसे जटामांसी कहते हैं। एलोपैथिक डॉक्टर को इसके सारे गुण वेलेरियन नामक दवा में मिलते है। जटामांसी का पौधा बहुवर्शीय होता है। इसका तना 4से 24 इंच लंबा होता है,जिसमें 6-8 इंच लंबे मूलीय पत्ते लगे रहते है। तने से पत्ते 2-3 जोंडो मे 1से 3इंच लंबे आयातकार होते है। इसके पुष्प सफेद व गुलाबी या निले रंग के गुच्छो मे लगते है। इसका फल सफेद रोंमां से युक्त छोटे-छोटे गोल-गोल आकार के होते हैं। इसकि जड़ लंबी,गहरे भूरे रंग की सुत्रों से युक्त होती है।

                                                             जटामांसी के फायदे

1 मिर्गी रोग मे लाभकरी 2 मानसीक थकावट धूर करने मे 3 अनिद्रा से राहत दिलाने मे 4 सिरदर्द कि समस्या मे कारगर 5 दिमाक तेज करने मे लाभकरी 6 चिंता दूर करने मे लाभकारी 6 बुखार,ताप मे फायदेमंद 7 त्वचा रोग और सभी प्रकार के त्वचा रोग मे 8 मासिक धर्म मे करगर 9 उंच्च रक्तचाप मे लाभकरी 10 पाचन क्रिया के लिए लाभकरी 11 याददाश्त के लिए फायदेमंद 13 हदय रोग मे 14 डायबिटीज,मधुमेह मे कारगर 15 बालों कि समस्या मे

                                                   जटामांसी जादा सेवन करने से नुकसान

1 गुर्दो को नुकसान या पेट कि शिकायत हो सकती है। 2 रक्तचाप वाले लोगों को इसके सेवन से पहले डॉक्टर कि सलाह लेनी चाहिए। 3 इसे एलर्जि का खतरा हो सकता है। 4 मासीक धर्म के समय इसका जादा उपयोग करने से परेशानी पैंदा हो सकती है। 5 गर्भावस्था और स्तनपान कराने वाली महिला इसका सेवन ना करें 6 इससे उल्टी या दस्त कि समस्या हो सकती है।

                                                         सिताराम सावजी उतेकर

                                                 महा आयुर्वेदिक जड़ीबुटी जटामांसी

                                                           मो नं 9833696512 

 ( विशेष जानकारी अगर किसी को त्वचा संबंधी बीमारी,सफेद दाग,सोरायसीस,एज्जिमा, लाल चट्टे,है तो उपर दिए गये फोन से जानकारी लिजिए)

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