Ayurvedic Herb Shisam
शिसम कि पहचान
शिसम के पेड़ के बारें मे सभी को जानकरी होगीं क्योंकि, भारत में शिसम कि लकड़ी से बना फर्निचर काफी मजबुत माना जाता है, और लोकप्रिय भी है। लेकीन फर्निचर के अलावा शिसम हमारे स्वाथ्थ्स के लिए काफी फायदेमंद और प्रभावशाली जड़ीबुटी है। आयुर्वेदी के मुताबिक मोटापा, विटीलीगो, बुखार ताप, घाव, जखम, अल्सर, बिनाईन, प्रोस्टेटिक हाइपरलासिया, गोनोरिया आदि के उपचार में इसके बनी औशधीया का उपयोग किया जाता हैं। शिसम के पेंड़ का आकार माध्यम से लेकर बडे़ तक हो सकता है और यह पेड़ भारत में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम डैल्बर्जिया हैं। इसमे ऐनलजेसिक, जो कि फैबेसी फैमिलिसे ताल्लुक रखता है। इसमें एंटी इंप्लेमेटरी, एमिनोएसिड, प्लेवोनॉयड, फेनोलिक कंपाउंड, डायजेस्खि, ऑस्ट्रोजेनिक, भमोजिनिक, एंटी-डायबिरिक गुण होते है। इसे अंग्रजी में इंडियन रोजवुड के नाम से भी जना जाता है और इस पेड़ कें जड़,पत्तियां, छाल,गुदे आदि का इस्तेमाल किया जाता है।
शिसम के फायदे
1 स्तनांे कि सुजन मे फायदेमंद
2 मासिक धर्म मे लाभकारी
3 कुष्ठ रोग,कोड़,शरिर के सभी प्रकार के त्वचा रोग मे फायदेमंद
4 सफेद पानी जाने कि समस्या मे 5 पुरुषों का प्रेमह रोग मे लाभकारी
6 डायबिटीज,मधुमेह मे फायदेमंद 7 शरिर कि जलन मे करगर
8 नेत्र रोग मे लाभकारी 9 पेट कि जलन मे
10 पिलीया,पांडूरोग मे लाभकारी 11 पेशाब संबंधी बीमारी मे लाभकारी
12 रक्तविकार,खून कि शुध्दता मे 13 तेज बुखार मे लाभकारी
शिसम का अधिक सेवन करने से नुकसान
1 जिन लोगों का एलर्जि होती है उन लोगों इसका सेवन ना कों करें
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदिक जड़ीबुटी शिसम
मो नं 9833696512

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
महा आयुर्वेदीक जडीबुटी के बारे मे यह ब्लॉगिंग है