Ayurvedic Herb Palash
पलाश कि पहचान
पलाश के वृक्ष पूरे भारतवर्ष में सब जगपर मिलते है। इसको बहुत प्राचिन कालसे एक दिव्य औषधी कि तरह प्रयोग किया जाता है। पलाश के वृक्ष 5-15 या 20 फुट तक उंचा काण्डत्वक 1-2 इंच मोठी खुरदरी,पत्र 4-8 इंच लंबे चर्मवत उपा चमकिले और निचे धूसर रोमश बीच का पत्रक अभिलटवाकार अग्रभाग पर गोल या द्धिविभक्त, पार्श्र पत्रक छोटे एवं विशत्र होते है। ग्रीष्म ऋतु में त्वचा को कष्ट करने पर एक रस निकलता है, जो जमने पर लाल गोंद बन जाता है ,इसको कमर कस भी कहते है। पलाश के फूल का इस्तेमाल कई रोंगों के इलाज के लिए किया जाता है। इन्हें टेसू के नाम से जाना जाता है। से वसंत ऋतु में खिलते है। ये सफेद, पीला और नारंगी रंग के होते है। इसका वानस्पातिक नाम ब्यूटिया मोनास्पर्मा है। इसमें एनलजेसिक, ऐफ्रोडीजीऐक और एंटीफर्टिलिटी प्रॉपर्टीज होती है,जिस वजह से इसका इस्तेमाल युनानी, होम्योपैथीक और आयुर्वेद में दवाओं को बनाने के लिए कीया जाता है। आयुर्वेद में पलाश कि जड़, बीज, तना, फूल और फल का इस्तेमाल बीमारियों के लिए उपचार के लिए किया जाता है। पलाश के बहुत सारे पोशक तत्व है। जो उसको अमुल्य बना देता है और फलाश के फायदे और नुकसान के बारें में जानेगें।
पलाश के फायदे
1 डायबीटीज,मधुमेह मे लाभकारी 2 शरिर कि सुजन कम करने मे मदगार 3 पेट मे दर्द के लिए 4 बुखार ताप मे लाभककारी 5 रक्त साफ करने में सहायक 6 कुष्ठ रोग और सभी प्रकार के त्वचा रोग मे 7 पाईल, बवासीर, मुळव्याद मे लाभकारी 8 खाज, खुजली मे फायदेमंद 9 यौंन शक्ती, सैक्स पावर बढ़ाने मे कारगर 10 सर्दि, खांसी के लिए फायदेमंद 11 बोलो के लिए लाभकारी 12 आंखो कि समस्या के लिए कारगर 13 पाचन संबंधी की समस्या के लिए 14 मुत्र संबंधी बीमारी मे 15 मासीक धर्म मे लाभकारी
पलाश का ज्यादा सेवन करने से नुकसान
1 गर्भवती महिला और स्तनपान कराने वाली महिला इसक सेवन ना करे 2 अगर किसी बीमारी के लिए एलोपेथिक इवा का सेवन करते हैं तो पलाश ना ले 3 अगर पलाश के फूल का उपयोग करने से पहले उसे गर्म पानी से अच्छी तरह धो लें ताकी उसकि सारी गंधगी निकल जाए 4 अगर किसी को काई एलर्जि की समस्या है तो पलाश का सेवन ना करें
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदिक जड़ीबुटी पलाश
मो नं 9833696512
विशेष जानकारी अगर किसी को त्वचा संबंधी बीमारी,सफेद दाग,सोरायसीस,एज्जिमा,लाल चट्टे,है तो उपर दिए गये फोन से जानकारी लिजिए

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
महा आयुर्वेदीक जडीबुटी के बारे मे यह ब्लॉगिंग है