Ayurvedic Herb Kalihari
कलिहारी,गौरी फुल कि पहचान
समस्त भारत में लगभग 1500 मी कि उंपाई तक विषेशत उत्तर-पश्रिमी हिमालय, आसाम,बंगाल,एवं दक्षिणी थारत में इसकि बेले पाई जाती है। इसकि बेल सुन्दर पुष्पों से युक्त होती है। इनके पुष्प देखने में अग्निी कि शिाखा या अग्निी कि लौ के समान दिखती है। इसलिए इसे अग्निीशिखा,अग्निीज्वाला या अग्निीमुखी आदि नामों से जाना जाता है। इसके कंद भूतिगत,श्रेत वर्ण के, मांसल,बेलनकार व्दि-विभाजित से व्हि आकार के होते है। इसका कंद विषांक होता है,अत इसे सावधानीपूर्वक इसका प्रयोग करना चाहिए
कलिहारी के फायदे
1 शिरशुल,आध्दा सिरदर्द मे लाभकरी
2 गंजापन यानी बाल उगाने मे लाभकारी
3 कान का दर्द मे फायदेमंद
4 बवासीर,मुळव्याद मे लाभकारी
5 गठिाया रोग मे फायदेमंद
6 आमवात मे लाभकारी 7 सर्पदंश मे लाभकारी
8 घाव,या जखम सही करने में कारगर
9 हरेक प्रकार के शरिर के दर्द मे
10 फौंड़े-फुन्सी मे लाभकारी 11 दांतो के दर्द मे
12 गुर्दे कि समस्या मे लाभकारी
14 कुष्ठ रोग,त्वचा रोंग सफेद दाग मे
15 योनीशुल मे लाभकारी
कलिहारी का अधिक सेवन करने से नुकसान
1 गर्भवती महिला और स्तनपान कराने वाली इसे सेवन ना करें
2 इसे जादा सेवन करने से मृत्यु भी आ सकती हैं
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदिक जड़ीबुटी कलिहारी
मो नं 9833696512

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