Ayurvedic Herb Vidari Kand
विधारी कंद कि पहचान
विदारीकंद की चक्राकार आरोहिणी लताएं विशेषकर नदी नालों के किनारे और हिमालय प्रदेश की निचली पहाड़ियों के भागों में लगभग 1300 मी की ऊंचाई तक पाई जाती हैं। इसके कन्द का स्वाद कुछ-कुछ मधुयष्टि की भांति होता है, इसलिए इसका नाम स्वादुकन्द है। घोड़ों को प्रिय होने के कारण ये लताएं गज वाजिप्रिया कहलाती है। विदारीकंद के नवीन कंद, मंडियों में प्राय सुराल के नाम से बिकते हैं। कन्द की त्वचा हल्के भूरे रंग की तथा अन्दर से श्वेत होती हैं। कन्द को काटकर सुखाने पर यह श्वेत दिखाई पड़ते हैं। चरकसंहिता में शाकवर्ग में विदारी के गुणों का वर्णन मिलता है। राजयक्ष्मा में इसका उत्सादन रूप में अन्य द्रव्यों के साथ तथा अश्मरी और मूत्रकृच्छ्र की चिकित्सा में वर्णन मिलता है।
विदारी कंद के फायदे
1. इम्युनिटी बढ़ाए विदारी कंद 2. ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाए विदारी कंद 3. पुरुषों के लिए फायदेमंद विदारी कंद 4. स्किन के लिए फायदेमंद विदारी कंद 5. मूत्र विकार दूर करे विदारी कंद 6. घाव ठीक करने में कारगर विदारी कंद 7 कैसर रोग मे कारगर 8 सुजन रोग मे लाभकारी9 मिर्गी रोग मे फायदेमंद 10 स्तनों मे दूध कि वृध्दि मे लाभकारी 11 खुन की कमी मे लाभकारी 12 मासीक धर्म में लाभकारी 13 शरिर मे विर्य कि कमी में लाभकारी 14 डायबीटीज में लाभकारी 15 वजन घटाने मे मदतगार
विधारी कंद के नुकसान
1 विधारी कंद से एलर्जि कि हो सकती है
2 स्तनपान कराने वाली महिला और गर्भवती इसे सेवन ना करें
3 इसे सिरदर्द,बुखार,चक्कर आने कि समस्या हो सकती है
सिताराम सावजी उतेकर
महा आयुर्वेदि जड़बुटी केमुकंद
मो नं 9833696512
विषेश जानकारी अगर किसी भी प्रकार कि त्वचा संबंधी बीमारी सफेद दाग, सोरायसीस, एज्जिमा,लाल चट्टे है तो उपर दिये हुये नंबर से संपर्क किजिए

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