Ayurvedic Herb Kamal Gatta
कमल गट्टा कि पहचान
कमल ( नेलुम्बो न्यूसीफेरा ) भारत का राष्ट्रीय फूल है, जिसे भारतीय कमल या फॉक्स नट के नाम से भी जाना जाता है। कमल गोटा (या कमल गट्टा) कमल के बीज हैं। इसे हिंदी में मखाना, मलयालम में कुसुक्कन नात और तेलुगु में फाक्स नात के नाम से जाना जाता है।
यह फूल तालाबों और झीलों में पाया जाता है, इसकी प्राकृतिक सुंदरता और सुंदरता इसकी खासियत है। आयुर्वेद में, कमल गोटा कफ और पित्त दोष को शांत कर सकता है।
यह पोस्ट कमल गोटा (कमल के बीज), आयुर्वेद में इसके उपयोग के साथ-साथ इसके लाभों पर केंद्रित होगी।
कमल गट्टा क्या है?
कमल का पौधा अपने उपयोगकर्ताओं को असंख्य स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए जाना जाता है।आयुर्वेद में, इसकी जड़, बीज, डंठल, फल, पत्तियां और फूल सभी में अद्वितीय गुण होते हैं जो इन स्वास्थ्य लाभों को बढ़ावा देते हैं।
इस पौधे में सक्रिय घटक राइज़ोम अर्क है जिसमें साइकोफार्माकोलॉजिकल, मूत्रवर्धक, मोटापा-रोधी, मधुमेह-रोधी, एंटीऑक्सीडेंट, ज्वरनाशक और हाइपोग्लाइसेमिक गुण पाए जाते हैं।
कमल गट्टा के फायदे
1 सफेद बालों के लिए लाभकारी
2 आधासीसी यानी आधा सर दर्द मे फायदेमंद
3 उल्टी रोकने मे लाभकारी
4 गंजेपन यानी टकला होना
5 आंखो कि बीमारी मे लाभकारी
6 दांतो के रोग मे लाभकारी
7 खांसी मे फायदेमंद
8 पेशाब संबंधी बीमारी मे लाभकारी
9 बुखार या ज्वर,ताप मे लाभकारी
10 बवासीर,मुळयाद मे लाभकारी
11 गर्भधारन मे लाभकारी
12 योनी कि बदबू मे लाभकारी
13 त्वचा रोग और किसी प्रकार कि त्वचा संबंधी बीमरी मे
14 नाक कान से खून बहने मे लाभकारी
15 शरिर कि जलन मे कारगर
16 सांप काटने पर लाभकारी
अधिक सेवन करने से नुकसान
1 डायबीटिज मरिज को,और बल्ड शुगर का लेवल भी कम होता है
2 इसे कच्चा सेवन करने से बैक्टीरिलय और पैरासाईड इंफेक्शन का खतरा हो सकता है
महा आयुर्वेदि जड़बुटी कमल गट्टा

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