Ayurvedic Herbal Dhamasa
प्राचीन आयुर्वेदीय संहिताओं तथा निघण्टुओं में दुरालभा, समुद्रान्ता तथा दुस्पर्शा आदि नामों से इसका वर्णन प्राप्त होता है। चरक-संहिता के तृष्णानिग्रहण तथा अर्शोंघ्न गणों में इसका वर्णन किया गया है। प्रत्येक पत्ते के पास दो नुकीले काँटे निकले हुए होते हैं। इसके कांटे शरीर पर चुभने से बहुत ज्यादा दर्द होता है। इस लेख में आगे हम आपको धमासा के फायदे, नुकसान और औषधीय गुणों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं
धमासा के फायदे
सिरदर्द से दिलाये आराम
मुँह के बीमारियों के इलाज में
खाँसी के परेशानी में
फुफ्फुस रोग या लंग्स के बीमारी में
हिक्के के कष्ट से दिलाये आराम
कफज छर्दी के कष्ट से दिलाये राहत
ग्रहणी या आंतों के रोग के इलाज में
उदावर्त के उपचार में लाभकारी
ज्वरयुक्त अतिसार में फायदेमंद
के बीमारी में फायदेमंद
विद्रधि या से दिलाये राहत
पामा की परेशानी करे दूर धमासा
कुष्ठ के इलाज में धमासा फायदेमंद
भ्रम के उपचार में लाभकारी फायदेमंद
रक्तपित्त (नाक-कान आदि से खून बहना) में
बुखार के इलाज में फायदेमंद
सांप काटने पर उसके विष के प्रभाव को कम करने में

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महा आयुर्वेदीक जडीबुटी के बारे मे यह ब्लॉगिंग है