Ayurvedic Herb Marua

                                                     
                                                       

मरुआ कि पहचान
मरुआ स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी होता है। भारत के कई राज्यो में इसका इस्तेमाल देशी शराब बनाने के लिए किया जाता है। इससे तयार देशी शराब स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यह कई तरह कें पोषक तत्व जैसे-प्रोटीन, आमस्त, फैट, आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम, कार्बोहाइटेड,  इत्यादी से भपुर होता है। शराब के अलावा इसका सेवन कई अन्य तरीकों से भी कीया जाता है। कुछ लोंग महुआ का सेवन कई तरह डिसेस को तैयार करने के लिय करते है। लेकिन क्या आपने कभी महुआ का दूध के साथ किया है? अगर नही, तो आज से इसका सेवन करना शुरु कर दें। दुध और महुआ का मिश्रण स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी साबीत हो सकता है। इसके सेवन से एज्जिमा यानी सफेद दाग, मिर्गी बवासीर जैसी परेशानी को कीया जा सकता  है। आइए विस्तार से जानते है, महुआ और दुध का सेवन करें। आदिवाशी भारतीयों के लिए महुआ का पेड़ बहोत महत्व रखता है। आदिवाशी लोंग न सिर्फ खने के लिए बल्किी ईंधन के रुप में भी महुआ का उपयोग करते है। क्या कभी आपने महुआ का नाम सुना है, अगर नही तो आज इस लेखमें हम आपको महुआ के फायदे और नुकसान के बारें में बताने जा रहा हुॅ। महुआ का वैज्ञानिक नाम मधूका, लोंगिफोलिया हैं। यह पेड़ बहोत तेजी से बढ़ता है, और लगभग 12से 15 मीटर तक इसकि लंबाई पहुप सकती है। इसमे मार्च के माह मे सफेद रंग के छोटे-छोटे फूल लगते है। यं तो इसके फूल के असंख्य गुण है, लेकीन मध्य भारत में इस फूल का इस्तेमाल मशहुर पेय महुआ वाईन बनाने के लिए किया जाता हैं।
मरुआ कि पहचान
मरुआ स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी होता है। भारत के कई राज्यो में इसका इस्तेमाल देशी शराब बनाने के लिए किया जाता है। इससे तयार देशी शराब स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यह कई तरह कें पोषक तत्व जैसे-प्रोटीन, आमस्त, फैट, आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम, कार्बोहाइटेड, इत्यादी से भपुर होता है। शराब के अलावा इसका सेवन कई अन्य तरीकों से भी कीया जाता है। कुछ लोंग महुआ का सेवन कई तरह डिसेस को तैयार करने के लिय करते है। लेकिन क्या आपने कभी महुआ का दूध के साथ किया है? अगर नही, तो आज से इसका सेवन करना शुरु कर दें। दुध और महुआ का मिश्रण स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी साबीत हो सकता है। इसके सेवन से एज्जिमा यानी सफेद दाग, मिर्गी बवासीर जैसी परेशानी को कीया जा सकता  है। आइए विस्तार से जानते है, महुआ और दुध का सेवन करें। आदिवाशी भारतीयों के लिए महुआ का पेड़ बहोत महत्व रखता है। आदिवाशी लोंग न सिर्फ खने के लिए बल्किी ईंधन के रुप में भी महुआ का उपयोग करते है। क्या कभी आपने महुआ का नाम सुना है, अगर नही तो आज इस लेखमें हम आपको महुआ के फायदे और नुकसान के बारें में बताने जा रहा हुॅ। महुआ का वैज्ञानिक नाम मधूका, लोंगिफोलिया हैं। यह पेड़ बहोत तेजी से बढ़ता है, और लगभग 12से 15 मीटर तक इसकि लंबाई पहुप सकती है। इसमे मार्च के माह मे सफेद रंग के छोटे-छोटे फूल लगते है। यं तो इसके फूल के असंख्य गुण है, लेकीन मध्य भारत में इस फूल का इस्तेमाल मशहुर पेय महुआ वाईन बनाने के लिए किया जाता हैं।
महुआ के फायदे
1 अल्सर के समस्या मे कारगर
2 दांतो के रोग मे लाभकारी
3 मिर्गी रोग मे फायदेमंद
4 त्वचा रोग मे लाभकारी
5 बुखर मे लाभकारी
6 डायबीटीज,या मधूमेह मे फायदेमंद
7 हदय रोग के लिए लाभकारी
8 सूजन और जलन कि समस्या मे लाभकारी
9 बवासीर,या मुळव्याद के कारगर
10 गठिया या किसी भी शरीर मे गांठ मे लाभकारी
11 स्पर्मकाउंट बढ़ाने मे फायदेमंद
12 गैस और एसिडिटी से राहत
13 मासीक धर्म  मे कारगर
14 सेक्स पावर बढ़ाने मे लाभकरी
महुआ के नुकसान
1 नपंसकता और बांझपन कि समस्या हो सकती है
2 सांस लेने की समस्या हो सकती है।
3 ब्लड शुगर कि दवा लेने वालों के लिए नुकसान दायक है।
                                                                                               सिताराम सावजी उतेकर
                                                                              महा आयुर्वेदि जड़बुटी मरुआ
                                                                                                   मो नं 9833696512
विषेश जानकारी अगर किसी भी प्रकार कि त्वचा संबंधी बीमारी सफेद दाग, सोरायसीस, एज्जिमा,लाल चट्टे है तो उपर दिये हुये नंबर से संपर्क किजिए

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