Ayurvedic Herbs Harjod
हाड़जोड़ कि पहचान
आयुर्वेद में और स्थानीय लोगों में भी अस्थिजोड़ चूर्ण का प्रयोग टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने के लिये करते हैं। इसकी लगभग 8 मी तक लम्बी आरोही पर्णपाती लता होती है। जो देखने में चतुष्कोणीय तथा अस्थि शृंखला जैसी प्रतीत होती है, पुराने तने पत्रविहीन होते हैं। इसका प्रयोग अस्थि संबंधी बीमारियों के चिकित्सा में किया जाता है।
अस्थिसंहार प्रकृति से मधुर, कड़वा, तीखा, गर्म, लघु, गुरु, रूखी, कफवातशामक, पाचक और शक्तिवर्द्धक होता है। अस्थिसंहार कृमि, अर्श या पाइल्स, नेत्ररोग, अपस्मार या मिरगी, घाव या अल्सर, आध्मान या पाचन तथा दर्दनाशक होता है। अस्थिसंहार के पौधे से प्राप्त ग्लूकोसाइड हृदयपेशी पर नकारात्मक (नेगेटिव) क्रोनोट्रापिक प्रभाव डालता है। यह परखनलीय परीक्षण में अस्थिजनन क्रियाशीलता दिखाता है।
हाड़जोड़ के फायदे
1 अस्थमा, दमा मे लाभकारी
2 पेट कि संबंधी समस्या मे लाभकारी
3 पाइल्स,मुळव्याद,या बवासीर मे फायदेमंद
4 महिलाओं कि डिलीवरी मे कारगर
5 प्रदर रोग,या ल्युकोरीया मे लाभकारी
6 गठिया ीोग मे लाभकारी
7 हडियो को जोड़ने मे लाभकारी
8 रीड़ कि हड़ि जोड़ने मे फायदेमंद
9 मोच का दर्द मे लाभकारी
10 व्रण,घाव या जखम मे लाभकारी
11 ब्लीड़ि मे कारगर
12 पुरे शरिर मे दर्द कि समस्या मे
13 पाचन शक्ती को बढ़नक मे कारगर
14 कैसर से लढ़ने मे मदद करता है
हाड़जोड़ अधिक सेवन करने से नुकसान
1 गर्भवती महिला और स्तनपान कराने वाली इसे सेवन ना करें
2 डायबिटीज,ब्डप्रेशर मरिज इसका सेवन ना करें
3 इसे खाली पेट सेवन ना करे,इसे उल्टी,मतली कि शिकायत हाक सकती है
4 यह पित्त को बढ़ावा देने वाली समस्या और एसिडिटी हो सकती है
5 दिल कि धड़कन तेज हो सकती है
6 पेट मे सुजन,हाथ,पेर मे जलन हाक सकती है
7 अल्सर और छाले है,तो इसका सेवन नर करें

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महा आयुर्वेदीक जडीबुटी के बारे मे यह ब्लॉगिंग है