Ayurvedic Herb Babool

                                                              
                                                                  


                                                      
 बबूल कि पहचान
बबूल को गम बादाम और बारबरा जैसे कई नामों से जाना जाता है। बबूल पेड़ की छाल और गम विभिन्न प्रकार के उपचार में बहुत उपयोगी हैं। बबूल पेड़ एक औषधीय पेड़ है जो भारत के सूखे हिस्सों के माध्यम से पाया जा सकता है। बबूल से संबंधित मुख्य तथ्यों में से एक यह है कि इसका उपयोग व्यापक रूप से दांतों की सफाई के लिए उपयोग किया जाता है। बबूल दातून का नियमित उपयोग आपके दांतों को मजबूत बनाता है, मसूड़ों को स्वस्थ बनाता है और पट्टिका संचय को भी कम करता है। बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय। आपने यह कहावत जरूर सुनी होगी। इस कहावत में इसी बबूल के पेड़ का जिक्र किया गया है। कई लोग बबूल से दांत साफ करते हैं तो अनेक लोग कई चीजों को बनाने के लिए बबूल की लकड़ी का उपयोग करते हैं। इतनी जानकारी तो आप भी जानते होंगे, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि रोगों के इलाज में भी बबूल के फायदे मिलते हैं। क्या आप ये जानते हैं कि  बबूल का औषधीय गुण एक-दो नहीं बल्कि अनेक रोगों के लिए फायदेमंद होता है। आयुर्वेद के अनुसार, बबूल एक बहुत ही उत्तम औषधि है। इसलिए अगर आप बीमारियों में बबूल का इस्तेमाल करते हैं निःसंदेह आपको बहुत फायदा मिल सकता है। आइए जानते हैं कि जिस पेड़ को बहुत ही साधारण समझा जाता है, उस बबूल से क्या-क्या लाभ मिल सकता है।

                                                              बबूल क्या है?

यह बबूल की प्रजाति का पेड़ है। यह छोटा वृक्ष होता है, जिसमें कांटे होते हैं। इसकी छाल पतली तथा गहरे भूरे रंग की होती है। पुराना हो जाने पर काले रंग के हो जाती है। इसके पौधे से रस निकलता है, जिसका प्रयोग चिकित्सा के लिए किया जाता है। यह लम्बा, झाड़ीदार और कांटेदार वृक्ष होता है। इसके कांटे लम्बे तथा तीखे होते हैं। इसके पत्ते बबूल के पत्तों जैसे होते हैं, लेकिन उससे कुछ बड़े और गहरे हरे रंग के होते है। इसके फूल पीले रंग के होते हैं। इसकी फलियां लम्बी होती हैं। फलियां कच्ची अवस्था में हरे रंग की, चपटी तथा मुड़ी हुई होती हैं।

                                              बबूल के फायदे

अधिक पसीना आने पर बबूल से लाभ

बबूल के उपयोग से कमर दर्द का इलाज 

बबूल के इस्तेमाल से दाद (खुजली) का उपचार

घाव में बबूल के फायदे

खांसी में बबूल के फायदे

बबूल के औषधीय गुण से पेट के रोगों 

भूख बढ़ाने के लिए बबूल

मुंह के छाले का इलाज

दांतों के रोग में

कंठ के रोग का इलाज

आंखों के रोग में

श्वसन-तंत्र संबंधित विकार में 

मूत्र रोग का इलाज

वीर्य रोग (धातु रोग) में

स्वप्न दोष का इलाज

योनि के ढीलेपन की समस्या में

मासिक धर्म विकार में 

हड्डी संबंधित रोग में 

पेचिश में बबूल के 

दस्त रोकने के लिए

सूजाक का इलाज

पीलिया का उपचार 

रक्त-स्राव में बबूल से फायदा


                                    बबूल के नुकसान

  • उबाल कर डालें: बबूल की फली का सेवन करने का सबसे लोकप्रिय तरीका उन्हें उबाल कर सूप या स्टू के रूप में डालना है। खाना पकाने की प्रक्रिया फली की बनावट को नरम करती है जिससे फली मुलायम हो जाती है। इसे अतिरिक्त स्वादिष्ट बनाने के लिए, जीरा या अजवायन जैसे मसाले मिला सकते हैं।
  • चबाकर सेवन करें: बबूल की फली को चबाकर सेवन करना भी एक विकल्प है। इसे धीरे-धीरे चबाकर गायब होने तक खाएं। यह सेवन जोड़ों के लिए फायदेमंद होता है।
  • औषधीय उपयोग: आप बबूल की फली का औषधीय उपयोग भी कर सकते हैं। इसे पीसकर गर्म पानी के साथ मिलाकर पी सकते हैं। इसे दवा के रूप में लेने से पहले वैद्य से परामर्श करें।

                                                                                        सिताराम सावजी उतेकर
                                                            महा आयुर्वेदि जड़बुटी बबूल
                                                                                       मो नं 9833696512
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