महा आयुर्वेदि जड़ीबूटी सेलम

                                                                   

                                                     

               
सेलम कि पहचान

शाल कहे या साल की लकड़ी, इसके औषधीकारक गुण अनगिनत होते हैं। शाल मुलायम छालों वाला पेड़ होता है। शाल में सफेद और लाल रंग के फूल होते हैं। शाल के बीज, बीज का तेल, तने का छाल, पत्ता, फूल और कांडसार का उपयोग आयुर्वेद में कई बीमारियों के लिए इलाज स्वरुप प्रयोग किया जाता है। लेकिन शाल किन-किन बीमारियों के लिए फायदेमंद है चलिये आगे इसके बारे में जानते हैं।

सेलम क्या है?

चरकसंहिता में शाल का वर्णन मिलता है। यह 18-30 मी तक ऊँचा, अत्यधिक विशाल, पर्णपाती वृक्ष होता है। इसकी लकड़ी का प्रयोग घर बनाने के लिए किया जाता है। इसके पौधे से एक प्रकार का पारदर्शी तथा स्वच्छ निर्यास मिलता है जिसे राल कहते हैं। शाल प्रकृति से शीतल, रूखा, कफ और पित्त को कम करने वाला, स्तम्भक व्रण या घाव को ठीक करने वाला, दर्दनिवारक, योनि संबंधी बीमारियों में फायदेमंद और मोटापा कम करने में सहायक होता है। यह योनिरोग, गला संबंधी रोग, व्रण या घाव, जलन तथा विष के असर को कम करता है। यह अतिसार या दस्त को रोकने सहायता करता है। यह त्वचा संबंधी रोग, रक्त संबंधी रोग, कुष्ठ, सूजन, व्रण या घाव, विद्रधि  दद्रु रक्तार्श (खूनी बवासीर), पाण्डु या एनीमिया, खांसी, सांस संबंधी , कण्डू या खुजली, क्रिमि और योनिरोग में लाभदायक होता है। एक अध्ययन से यह होता है कि यह श्वेतप्रदर या लिकोरिया में लाभदायक है। 18-50 वर्ष की 52 महिलाओं में इसका प्रयोग राल चूर्ण के रूप में 1 ग्राम की मात्रा में दिन में दो बार किया गया तथा इसकी छाल के काढ़े से योनि को धोया जाता है। 10 वें दिन 50 प्रतिशत, 20 वें दिन 80 प्रतिशत तथा 30 दिनों के पश्चात् 100 प्रतिशत सफलता की प्राप्ति हुई।

सेलम के फायदे

गलगंड या गलसुआ में लाभकारी शाल

हिचकी का करे इलाज शाल 

एनीमिया से राहत दिलाये शाल

डायबिटीज करें कंट्रोल शाल 

बहुमूत्रता की बीमारी में फायदेमंद शाल 

कुष्ठ की परेशानी से दिलाये राहत शाल

कृमि निकालने में करे मदद शाल

त्वचा संबंधी रोग का करें इलाज शाल

अल्सर में फायदेमंद शाल

संक्रमण को दूर करने में उपयोगी है साल का पेड़

काम शक्ति बढ़ाये शाल

सेलम के नुकसान

बीमारी के लिए शाल के सेवन और इस्तेमाल का तरीका पहले ही बताया गया है। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए शाल का उपयोग कर रहे हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें। चिकित्सक के परामर्श के अनुसार

-शाक के छाल का 15-30 मिली काढ़ा,

-5-10 मिली रस,

-2-4 ग्राम चूर्ण का सेवन कर सकते हैं।


                                                                                                  सिताराम सावजी उतेकर

                                                                                               महा आयुर्वेदि जड़बुटी सेलम                                                                                                                                   मो नं 9833696512
विषेश जानकारी अगर किसी भी प्रकार कि त्वचा संबंधी बीमारी सफेद दाग, सोरायसीस, एज्जिमा,लाल चट्टे
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